स्वामित्व योजना- तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों का प्रशिक्षण संपन्न

स्वामित्व योजना- तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों का प्रशिक्षण संपन्न

लाइव न्यूज भारत24 से कृष्ण कुमार श्रीवास के साथ सनी रायकवार की रिपोर्ट

बुरहानपुर – स्वामित्व योजना अंतर्गत निर्मित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के संबंध में तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों का प्रशिक्षण मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित रहा। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री राजेश पाटीदार की मौजूदगी में अभियान अंतर्गत जिला स्तर पर नियुक्त मास्टर ट्रेनर एवं तहसीलदार खकनार श्री दयाराम अवास्या तथा ई-गवर्नेंस प्रबंधक श्री मनोज मोहरे द्वारा राजस्व अधिकारियों को अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियों एवं प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।

विदित है कि #स्वामित्व_योजना अंतर्गत निर्मित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के तहत ग्रामीण आबादी को दिए जाने वाले अधिकार अभिलेखों के पंजीयन पर लगने वाली स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। जनता को स्वामित्व अधिकार देने पर लगने वाले शुल्क संबंधी संपूर्ण व्यय का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा और हितग्राहियों से पंजीयन के समय कोई भी शुल्क या राशि नहीं ली जाएगी। योजना का क्रियान्वयन 17 सितम्बर, 2026 से प्रारंभ होना है।

जिले में नागरिकों को स्वामित्व संबंधी अधिकार देने के लिए विशेष अभियान चला कर समय सीमा में कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। बैंकिंग संस्थाएँ इन पंजीकृत अभिलेखों के आधार पर भूखंड की कीमत का सटीक आंकलन कर सहजता से ऋण स्वीकृति प्रदान कर सकेंगी। इससे ग्रामीण नागरिकों को अपनी ही संपत्ति के विरुद्ध त्वरित आर्थिक लोन की सुविधा मिलेगी और साथ ही आधुनिक ड्रोन तकनीक से हुए डिजिटल मानचित्रण के कारण संपत्ति संबंधी आपसी और वैधानिक विवादों में भी भारी कमी आएगी।

लेख है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण एवं ड्रोन सर्वे में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके भूखंड हेतु भू-अभिलेख अधिकार प्रदान किए गए थे। अब शासन द्वारा कानूनी मालिकाना हक (पंजीकृत संपत्ति दस्तावेज) पूरी तरह निःशुल्क दिया जा रहा है।

स्वामित्व दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया

भूस्वामी अपने घर में बैठकर एमपी ई-सेवा एप से स्वामित्व दस्तावेज हेतु आवेदन करेगा। इसके बाद पटवारी SAARA एप के माध्यम से आवेदन का सत्यापन करेंगे तथा पंजीयन हेतु दस्तावेज को तहसीलदार को प्रेषित करेंगे। तत्पश्चात् तहसीलदार संपदा एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन करेंगे। इसके बाद स्वामित्व दस्तावेज पंजीयन पूर्ण होगा। यदि भूस्वामी स्वयं आवेदन करने में सक्षम नहीं है, तो वह पटवारी के समक्ष उपस्थित होंगे तथा ऐसी स्थिति में पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से भूस्वामी की ओर से आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित होंगे।

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