3 मार्च 2026 : होलिका दहन और ग्रहण को लेकर विशेष समाचार बलवाड़ा, 3 मार्च 2026
लाइव न्यूज भारत24: कृष्ण कुमार श्रीवास
बलवाड़ा: आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर अग्नि प्रज्वलित करेंगे और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।होलिका दहन का संबंध पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद और असुर राजा हिरण्यकश्यप से है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद अग्नि में सुरक्षित रहे और होलिका दहन हो गई, तभी से यह पर्व मनाया जाता है।ग्रहण का प्रभाव इसी दिन ग्रहण की घटना भी होने के कारण लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर दर्शन और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। सूतक काल ग्रहण से पूर्व ही आरंभ हो जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान और घरों में शुद्धिकरण किया जाता है।


प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांति एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की है। अग्नि प्रज्वलन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।धार्मिक आस्था और सावधानियां धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे उचित सावधानी के साथ देखा जा सकता है।होलिका दहन के साथ ही कल रंगों का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर भर में उत्सव का माहौल है और बाजारों में रंग, गुलाल व पिचकारियों की खूब बिक्री हो रही है।








